ढाका हिंसा में भारत की संपत्तियों को कोई नुकसान नहीं, बांग्लादेश के आर्मी चीफ ने भारतीय सेना प्रमुख को दी जानकारी
Updated on
20-12-2025 01:16 PM
ढाका: बांग्लादेश में जारी हिंसा के बीच एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत और बांग्लादेश की सेना के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है। सीएनएन न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और बांग्लादेश के सेना प्रमुख सीधे संपर्क में हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान ने अपने भारतीय समकक्ष को भरोसा दिलाया है, कि बांग्लादेश में सभी भारतीय संपत्ति सुरक्षित हैं। इसके अलावा बांग्लादेश के आर्मी चीफ ने बढ़ते तनाव के बावजूद सुरक्षा बनाए रखने के लिए ढाका की प्रतिबद्धता पर जोर दिया है। बांग्लादेश और भारत के सैन्य प्रमुखों का लगातार संपर्क में रहना भारत के लिए राहत की बात है।
बांग्लादेश में हालात उस वक्त और बिगड़ गए जब भारत-विरोधी कट्टर नेता शरीफ उस्मान हादी की सिंगापुर के एक अस्पताल में मौत हो गई। हादी को एक हफ्ते पहले ढाका में नकाबपोश हमलावरों ने गोली मार दी थी। उनकी मौत के बाद देशभर में उग्र प्रदर्शन शुरू हो गए, जिनमें कई कट्टरपंथी समूहों ने मीडिया संस्थानों और सांस्कृतिक संगठनों को निशाना बनाया है। इस दौरान भारतीय उच्चायोग को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई है। भारतीय अधिकारियों पर भी हमले की कोशिश की गई है।
भारत-बांग्लादेश की सेना के बीच लगातार संपर्क बांग्लादेश में चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान राजधानी ढाका में प्रमुख अखबार 'प्रोथोम आलो' और 'द डेली स्टार' के दफ्तरों में आगजनी की गई, जबकि वामपंथी सांस्कृतिक संगठन उदिची शिल्पीगोष्ठी के कार्यालय में भी जमकर तोड़फोड़ की गई। इन घटनाओं ने देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस उथल-पुथल का असर भारत-बांग्लादेश संबंधों पर भी साफ दिखने लगा है। शेख हसीना सरकार के पतन के बाद सत्ता में आई मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ा है।भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता जताई है। एक दिन पहले बांग्लादेश में कट्टरपंथियों की भीड़ ने एक हिंदू युवक की पीट-पीटकर हत्या करने के बाद उसके शव को पेड़ से बांधकर जला दिया था। वहीं, इसी हफ्ते नई दिल्ली ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त मोहम्मद रियाज़ हमीदुल्लाह को तलब किया था। जिसमें भारतीय उच्चायोग और अन्य भारतीय ठिकानों को लेकर मिल रही धमकियों और भारत-विरोधी बयानों पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई थी। विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि भारत बांग्लादेश में शांति और स्थिरता का समर्थक है, लेकिन अपने राजनयिक मिशनों की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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