पाकिस्तान को वादा तो निभाना पड़ेगा, चीन ने घर बुलाकर किया इशाक डार को जलील, बलूचों का दिखा खौफ
Updated on
05-01-2026 01:55 PM
बीजिंग: चीन से संबंधों को बेहतर करने की कोशिश के तहत पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार इस समय बीजिंग में हैं। उन्होंने चीनी विदेश मंत्री वांग यी समेत कई बड़े नेताओं से मुलाकात की है। हालांकि उनको अपनी कोशिशों में पूरी कामयाबी मिलती नहीं दिख रही है। चीन ने अमेरिका की इस्लामाबाद में बढ़ती पैठ, सीपीईसी की धीमी रफ्तार और पाकिस्तानी में चीनी निवेश और नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा डार के सामने उठाया है। चीन ने डार से दो-टूक कह दिया है कि पाकिस्तान इन सब मुद्दों पर किए गए अपने वादे से भाग नहीं सकता है। इस्लामाबाद को अपनी प्रतिबद्धता हर हाल में निभानी होगी।
चीन ने पाकिस्तान को चीन-पाकिस्तान के इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) के तहत लंबे समय से अटके वादों को पूरा करने का रिमाइंडर दिया है। चीन ने अपने कर्मियों की सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर में देरी और फ्लैगशिप बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव प्रोजेक्ट के 11 साल बाद भी ठोस नतीजों की कमी पर इशाक डार के सामने चिंता जताई है।
पाकिस्तान काम पर ध्यान दे: चीन
न्यूज18 ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि बीजिंग में पाकिस्तान-चीन विदेश मंत्रियों की रणनीतिक बातचीत में चीनी अधिकारियों ने खासतौर से बलूचिस्तान में CPEC प्रोजोक्ट में धीमी प्रगति और ऑपरेशनल कमियों पर असंतोष जताया। बीजिंग ने कहा कि CPEC की मुख्य संपत्तियां अभी भी काम नहीं कर रही हैं। इसमें ग्वादर पोर्ट, ग्वादर एयरपोर्ट और सड़क कनेक्टिविटी शामिल है।चीनी अधिकारियों ने बताया कि ग्वादर को सुक्कुर से जोड़ने वाला मोटरवे अधूरा है। ग्वादर बंदरगाह CPEC की नींव है लेकिन यह पूरी तरह चालू नहीं हो पाया है। नया ग्वादर इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी यात्रियों और कार्गो ट्रैफिक को आकर्षित करने में नाकाम है। इसमें सुरक्षा भी एक अहम वजह रही है। चीन को लगता है कि ये सब सीपीईसी के आर्थिक पहलू को कमजोर कर रहा है।
सुरक्षा का मुद्दा भी उठा
पाकिस्तान में चीन के कर्मचारियों और उनके दफ्तरों पर हमलों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में इशाक डार के साथ चीनी नेताओं की बैठकों में सुरक्षा मुद्दा प्रमुखता से उठा है। खासतौर से पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में हिंसा और कानून व्यवस्था पर चीन की फिक्र है। इन दोनों प्रांतों में चीनी नागरिकों पर हमलों ने बीजिंग को परेशान किया है।
चीन ने पाकिस्तान से अफगानिस्तान के साथ संबंधों और व्यापार सामान्य बनाने के लिए कहा है। पाकिस्तान की अफगानिस्तान से तनातनी चल रही है और बॉर्डर बंद है, जिससे चीन खुश नहीं है। चीन ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और स्थिरता को CPEC की सफलता के लिए जरूरी माना है। ऐसे में चीन ने पाकिस्तान को अफगानिस्तान से रिश्ते सुधारने को कहा है।
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