ग्रीनलैंड की रक्षा करेंगे: डेनमार्क ने दी अमेरिका को चेतावनी, NATO देशों के बीच छिड़ेगा युद्ध?
Updated on
10-01-2026 12:45 PM
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड पर कब्जा जमाने की बयानबाजी के बाद अमेरिका और डेनमार्क में तनाव की स्थिति हो गई है। ट्रंप में आर्कटिक में स्थित डेनमार्क के इस स्वायत्तशासी क्षेत्र को अमेरिका के लिए जरूरी बताया है और इसे देश का हिस्सा बनाने की बात लगातार कर रहे हैं। वॉइट हाउस ने कहा है कि ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाने के लिए सेना के इस्तेमाल से इनकार नहीं किया जा सकता है। अमेरिकी धमकियों के बाद डेनमार्क ने ग्रीनलैंड की रक्षा के लिए मुकाबले की तैयारी शुरू कर दी है। डेनमार्क के सांसद और डिफेंस कमेटी के चेयरपर्सन रासमस जारलोव ने कहा कि अगर अमेरिका ग्रीनलैंड पर हमला करता है तो डेनमार्क को अपना बचाव करना होगा।
नाटो देशों के बीच युद्ध का खतरा
जारलोव ने हालांकि स्वीकार किया कि डेनमार्क की सेना के लिए अमेरिका को रोकना मुश्किल होगा, लेकिन डेनमार्क हमले का जवाब देगा। एनडीटीवी को दिए एक खास इंटरव्यू में जारलोव ने कहा, हम यह भी साफ करना चाहते हैं कि हम पर सैन्य हमला करना मंजूर नहीं है। इससे दो NATO देशों के बीच युद्ध जैसी अजीब स्थिति पैदा हो जाएगा, जो पूरी तरह से विनाशकारी और बहुत बहुत बेवकूफी भरा कदम होगी।
अमेरिकी की ग्रीनलैंड तक पहले ही पहुंच
जारलोव ने यह भी बताया कि ट्रंप के लिए ग्रीनलैंड पर हमला के लिए कोई खतरा, दुश्मनी या ऐसी कोई वजह नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास पहले से ही ग्रीनलैंड तक पहुंच है और दोनों देशों के बीच एक रक्षा समझौता है जो उन्हें खनन करने की इजाजत देता है। उन्होंने कहा कि 'इसकी बिल्कुल कोई जरूरत नहीं है और हमें उम्मीद है कि हम इसे वापस पटरी पर ला पाएंगे और यह मामला और आगे नहीं बढ़ेगा।'
ग्रीनलैंड पर कब्जा क्यों चाहते हैं ट्रंप?
ग्रीनलैंड आर्कटिक में स्थित डेनमार्क का एक स्वायत्तशासी क्षेत्र है। 57000 की आबादी वाला यह द्वीप खनिज से भरपूर है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसे अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी बताते हैं। बीते साल की शुरुआत में दोबारा कार्यकाल संभालने के बाद वे ग्रीनलैंड को लेकर मांग उठाते रहे हैं। उन्होंने ग्रीनलैंड को खरीदने की बात कही जिसे डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने खारिज कर दिया। हाल ही में वेनेजुएला पर हमले के बाद ट्रंप और उनके प्रशासन इसे लेकर बयानबाजी तेज कर दी है और सैन्य इस्तेमाल की बात भी होने लगी है।
डेनमार्क ने कहा- ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं
जारलोव ने कहा कि ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं है और यह देश के लिए कीमत का मामला नहीं है। 'हम 57000 डेनिश नागरिकों को अमेरिकी बनने के लिए बेच नहीं सकते। उन्होंने यह बहुत साफ कर दिया है।' इस बीच डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने चेतावनी दी है कि ग्रीनलैंड पर अमेरिका हमला NATO के अंत का कारण बन सकता है। वहीं, मंगलवार को वॉइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि वॉशिंगटन में ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है और इसमें सैन्य बल के इस्तेमाल भी एक ऑप्शन है।
ओआगाडोगू: पश्चिम अफ्रीकी देश बुर्किना फासो के राष्ट्रपति इब्राहिम ट्राओरे ने देश के कट्टरपंथियों को कड़ा संदेश देते हुए साफ कहा है कि उनके देश में कभी भी शरिया कानून…
इस्लामाबाद/काबुल: अफगानिस्तान से दुश्मनी पाकिस्तान को बहुत महंगी साबित हो रही है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट का कहना है कि अफगानिस्तान से तनाव के चलते पाकिस्तान बड़ा आर्थिक झटका दिया है।…
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने एक बार फिर कश्मीर का रोना रोते हुए संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से गुहार लगाई है। इस्लामाबाद ने कश्मीर विवाद को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के…
इस्लामाबाद: भारतीय सेना ने आरकार 'इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स' (IBGs) के पहले बैच को ऑपरेशनल करने की घोषणा कर दी है। इसके बाद से ही पाकिस्तान के एक्सपर्ट्स लगातार इससे होने…
वॉशिंगटन: अमेरिकी आर्मी ईरान पर बहुत बड़े पैमाने पर हवाई हमले कर सकता है। इसके लिए अमेरिका के दर्जनों और हवाई ईंधन भरने वाले विमान इजरायल भेजने की तैयारी हो…
इस्लामाबाद: पाकिस्तान की अध्यक्षता में इस्लामाबाद में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के बॉर्डर सर्विस प्रमुखों की 12वीं बैठक हुई है। इस बैठक में भारत ने भी हिस्सा लिया है। पाकिस्तान…
ढाका: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने फिलहाल भारत की यात्रा नहीं करने का फैसला किया है। बांग्लादेश के प्रमुख अखबार अमर देश ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों और राजनयिक…
ढाका: बांग्लादेश सरकार ने कहा है कि भारत से शेख हसीना का लौटना काफी हद तक नरेंद्र मोदी सरकार के सहयोग पर निर्भर करेगा। तारिक रहमान सरकार में विदेश राज्य…