राफेल और यूरोफाइटर टाइफून ने 3200 KM दूर मुस्लिम देश में क्यों मचाई तबाही, इजरायल के पड़ोस में हड़कंप
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05-01-2026 01:57 PM
पेरिस/लंदन/दमिश्क: फ्रांसीसी राफेल फाइटर जेट ने ब्रिटिश टाइफून के साथ मिलकर सीरिया में ISIS पर कहर बरपाया है। ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि ब्रिटेन और फ्रांस ने शनिवार शाम को सीरिया में एक अंडरग्राउंड फैसिलिटी पर मिलकर हवाई हमला किया है। यह फैसिलिटी पहले ISIS के कब्जे में थी और माना जाता है कि इसका इस्तेमाल गोला-बारूद स्टोर करने के लिए किया जाता था। ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि "रॉयल एयर फोर्स (RAF) के टाइफून FGR4 लड़ाकू विमानों ने फ्रांसीसी वायुसेना के साथ मिलकर पलमायरा के पास स्थित एक भूमिगत ठिकाने को निशाना बनाया है।" मंत्रालय ने ये भी कहा है कि जिस जगह पर हमला किया गया है, वहां कोई भी नागरिक आबादी मौजूद नहीं था, जिससे स्थानीय लोगों को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सीरिया में ISIS के खिलाफ चलाए गये इस ऑपरेशन में ब्रिटेन के टाइफून FGR4 लड़ाकू विमानों ने अत्याधुनिक Paveway IV लेजर-गाइडेड बमों का इस्तेमाल किया है। इस बम से हथियार डिपो में जाने के लिए बनाए गये सुरंगों को तबाह कर दिया गया है। वहीं, मिशन के दौरान एक वॉयजर KC2 रिफ्यूलिंग टैंकर ने हवा में ईंधन भरने का काम किया है। खुफिया एजेंसियों का शुरूआती आकलन है कि मिशन पूरी तरह से कामयाब रहा है और हथियार डिपो पूरी तरह से तबाह हो चुका है। हालांकि अभी भी आकलन जारी है। रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि मिशन को अंजाम देने के बाद सभी लड़ाकू विमान वापस बेस पर लौट आए हैं।
सीरिया में ISIS के हथियार डिपों पर भीषण हमला ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने कहा है कि इस हमले का मकसद ISIS को फिर से उभरने से रोकना है। आपको बता दें कि सीरिया में ISIS ने एक बार फिर से सिर उठाना शुरू कर दिया है और कई अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों ने इसको लेकर चेतावनी जारी की है। इसके अलावा ब्रिटिश रक्षा मंत्री ने ये भी कहा कि ये अभियान, ब्रिटेन की सैन्य क्षमता को दिखाता है और साबित करता है कि ब्रिटेन अपने दोस्त देशों के साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ अभियान चलाने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। आपको ये भी बता दें कि पिछले हफ्ते अमेरिका ने भी सीरिया में ISIS के कुछ ठिकानों पर भीषण हमले किए थे।
हालांकि ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने टाइफून FGR4 विमानों का जिक्र किया है, लेकिन राफेल के इस्तेमाल का आधिकारिक तौर पर नाम नहीं लिया गया है। फ्रांसीसी सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान में कहा है कि "ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व" के तहत दोनों नाटो सहयोगियों ने इस्लामिक स्टेट के ठिकानों पर हमले किए। लेकिन डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसे लंबी दूरी के मिशन को अंजाम देने के लिए फ्रांस, राफेल का ही इस्तेमाल करता है। मिडिल ईस्ट में लंबी दूरी के, सटीक स्ट्राइक मिशन के लिए फ्रांस की मौजूदा ऑपरेशनल क्षमताओं के आधार पर, पेरिस इन कामों के लिए डसॉल्ट राफेल जेट तैनात करता है। राफेल फ्रांस का मुख्य फ्रंटलाइन लड़ाकू विमान है, जो सटीक गाइडेड हथियारों से हवा से जमीन पर हमला करता है, जैसा की हम ऑपरेशन सिंदूर में भी देख चुके हैं कि राफेल ने कैसे पाकिस्तान में आतंकियों के 9 ठिकानों पर हमले किए थे। वहीं, पामिरा, जिसे UNESCO ने प्राचीन खंडहरों के रूप में अपनी लिस्ट में रखा हुआ है, उसपर कभी ISIS जिहादी लड़ाकों का कंट्रोल था। लेकिन अब ये कंट्रोल टूट गया है।
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